उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में बड़ा बदलाव: गर्मी और हीटवेव को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ा, नया शैक्षणिक कैलेंडर जारी

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में बड़ा बदलाव: गर्मी और हीटवेव को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ा, नया शैक्षणिक कैलेंडर जारी

Major change in Uttar Pradesh council schools

Major change in Uttar Pradesh council schools

लखनऊ। Major change in Uttar Pradesh council schools, प्रदेश के परिषदीय और मान्यता प्राप्त बेसिक विद्यालयों में गर्मी और हीट वेव को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ा दी गई है। अब हर वर्ष 20 मई से 20 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा।

21 जून को योग दिवस पर बच्चे और शिक्षक मिलकर योग दिवस मनाएंगे, 22 जून से 24 जून तक शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा। 25 जून से बच्चे स्कूल आएंगे।

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने आदेश जारी कर दिया है। अब तक बेसिक शिक्षा परिषद के शैक्षणिक कैलेंडर में हर वर्ष 20 मई से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश निर्धारित था। 16 जून से स्कूल खुल गए थे। अब 25 जून को बच्चे स्कूल जाएंगे।

पिछले कुछ वर्षों से भीषण गर्मी और हीट वेव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर अवकाश बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्थायी रूप से अवकाश की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है।

आदेश के अनुसार, ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद विद्यालयों में पढ़ाई शुरू होने से पहले 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। इस दौरान वे नए सत्र की तैयारियां पूरी करेंगे।

इन दिनों में शिक्षक लेसन प्लान तैयार करेंगे, मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता की समीक्षा करेंगे और विद्यालय प्रबंधन समिति व समुदाय की सहभागिता बढ़ाने के लिए बैठक करेंगे, ताकि बच्चों के आने के साथ ही नियमित पढ़ाई शुरू हो सके।

प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में शिक्षक और छात्र-छात्राओं की सहभागिता से सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा। एक शैक्षणिक सत्र में प्रारंभिक स्तर के विद्यालयों में कम से कम 220 कार्य दिवसों तक पठन-पाठन अनिवार्य है।

साथ ही जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर अवकाश घोषित करने से पहले आरटीई अधिनियम के प्रविधानों और शैक्षणिक दिनों की अनिवार्यता का ध्यान रखा जाएगा। 16 जून से स्कूल खुलने से पहले ही शिक्षकों की ओर से ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग की जा रही थी।